IMPROVE PHASE (समस्या को ठीक करने का चरण)
जब हमें समस्या का असली कारण पता चल जाता है, तब अगला काम होता है उसे ठीक करना।
इसी काम को Improve Phase कहते हैं।
इस स्टेप में टीम यह सोचती है कि समस्या को कैसे खत्म किया जाए और काम को बेहतर कैसे बनाया जाए।
Step 10 – समाधान सोचना
सबसे पहले टीम समस्या को ठीक करने के अलग-अलग तरीके सोचती है।
फिर उनमें से सबसे अच्छा तरीका चुना जाता है।
यहाँ टीम ये बातें सोचती है:
- समस्या को कैसे खत्म करें
- कौन-सा तरीका सबसे आसान है
- कौन-सा तरीका कम खर्च में ज्यादा फायदा देगा
उदाहरण:
अगर मशीन बार-बार खराब हो रही है तो
- मशीन की सफाई नियमित करना
- पार्ट बदलना
- ऑपरेटर को ट्रेनिंग देना
इनमें से सबसे अच्छा तरीका चुना जाएगा।
उपयोग होने वाले टूल:
- Brainstorming
- Benchmarking
- Brainwriting
- Assumption Busting
- Analogy Technique
- Channeling Technique
- Anti-Solution Technique
- 5S
- Heijunka
- Kanban / Pull System
- Jidoka
- JIT (Just in Time)
- Solution Selection
Step 11 – पहले छोटा टेस्ट करना
अब जो तरीका चुना गया है, उसे सीधे पूरे प्लांट या सिस्टम में लागू नहीं किया जाता।
पहले उसे छोटे स्तर पर टेस्ट किया जाता है।
ताकि पता चले:
- यह तरीका सही काम कर रहा है या नहीं
- कहीं कोई नई समस्या तो नहीं आ रही
उपयोग होने वाले टूल:
- Pilot Plan
- Poka-Yoke
- FMEA (Failure Mode and Effects Analysis)
- Implementation Planning
Step 12 – चेक करना कि समस्या सच में ठीक हुई या नहीं
अब यह देखा जाता है कि समस्या पहले से कम हुई या खत्म हो गई।
अगर सुधार दिखता है तो उस तरीके को पूरे सिस्टम में लागू कर दिया जाता है।
उपयोग होने वाले टूल:
- Cost-Benefit Analysis
- Measurement System Re-Analysis
- Process Capability
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